गो-सेवा और गो-संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग ने जनपदीय गो-संरक्षण समितियों का गठन किया है। आयोग ने शाहजहांपुर से आलोक कुमार मिश्र को जनपदीय गो-संरक्षण समिति का सदस्य नामित किया है। उनका नामांकन जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की संस्तुति के आधार पर किया गया है।
आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आलोक कुमार मिश्र को तत्काल प्रभाव से समिति में सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस दायित्व के लिए उन्हें किसी प्रकार का वेतन अथवा भत्ता देय नहीं होगा। समिति आयोग के पर्यवेक्षण में काम करेगी और जिले में गो-संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
जनपदीय गो-संरक्षण समिति का प्रमुख उद्देश्य जिले में संचालित गोशालाओं के बेहतर संचालन में सहयोग करना और उन्हें धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना है। इसके लिए गोशालाओं में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और गो-आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
समिति की ओर से गोबर और गोमूत्र से बायोगैस, कंपोस्ट, पंचगव्य आधारित साबुन, अगरबत्ती, मच्छररोधी आयल, गोनाइल और विभिन्न औषधियों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जाएंगे, ताकि गोशालाओं को आय का स्रोत उपलब्ध हो सके।
आयोग का मानना है कि गोबर और गोमूत्र जैसे संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से गोशालाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे गो-सेवा और संरक्षण के कार्यों को भी स्थायित्व देने का प्रयास किया जाएगा।
आयोग के पर्यवेक्षण में काम करेगी समिति
जनपदीय गो-संरक्षण समितियां उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के पर्यवेक्षण में कार्य करेंगी। आयोग की ओर से नामित सदस्यों को गो-संरक्षण और गोशालाओं से जुड़े कार्यों में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि नामांकन में आवश्यकतानुसार संशोधन करने अथवा उसे निरस्त करने का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। आलोक कुमार मिश्र के नामांकन के बाद जिले में गो-सेवा और गो-संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी समिति के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।