आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को बीए प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत और उनके महाविद्यालयीन जीवन के शुभारंभ के लिए भव्य दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, संस्कार, विभिन्न विभागों और छात्रहित से जुड़ी गतिविधियों से परिचित कराना रहा। इस दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री दीक्षित, उप प्रधान, उत्तर प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी, शिक्षकों और छात्राओं ने वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ-पूजन एवं शांति पाठ के साथ किया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को उत्तरीय और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
शिक्षकों से कराया गया परिचय
दीक्षारंभ कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के विभिन्न संकायों और वहां कार्यरत शिक्षकों से परिचित कराया गया। कला संकाय के शिक्षकों का परिचय प्रो. रूपांशुमाला ने कराया। वाणिज्य संकाय के शिक्षकों का परिचय डॉ. विजय गुप्ता और डॉ. श्वेता सक्सेना ने कराया। वहीं विज्ञान संकाय के शिक्षकों का भी छात्राओं से परिचय कराया गया।
प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “दीक्षारंभ विद्यार्थी के जीवन में दीक्षांत तक की यात्रा का शुभारंभ है।” उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, संस्कार और अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने नवप्रवेशित छात्राओं को पूरी लगन और सकारात्मक सोच के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
अनुशासन और आचार संहिता की दी जानकारी
महाविद्यालय की कुलानुशासक प्रो. दुर्गावती सिंह ने छात्राओं को आशीर्वचन देते हुए अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के नियमों का पालन करते हुए छात्राएं अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ें। अनुशासन को विद्यार्थी जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उन्होंने छात्राओं को जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सारिका अग्रवाल ने नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय की आचार संहिता की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को महाविद्यालय में अपनाए जाने वाले नियमों, व्यवहार और अनुशासन से संबंधित आवश्यक बिंदुओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के वातावरण से परिचित कराने के साथ उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार किया गया। छात्राओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।