स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की ओर से एचआईवी एवं एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, संक्रमण के माध्यमों, बचाव के उपायों और समय पर जांच व उपचार के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सार्वजनिक ग्रामीण विकास संस्थान से आए जिला कार्यक्रम अधिकारी (एचआईवी/एड्स) मोहम्मद खालिद खान ने एचआईवी एवं एड्स की उत्पत्ति और इसके फैलने के विभिन्न कारणों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए सही जानकारी, जागरूकता और सावधानी सबसे प्रभावी उपाय हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से संक्रमण के संभावित कारणों को लेकर सतर्क रहने और एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारी को लेकर किसी तरह की गलत जानकारी के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को एचआईवी से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी बताया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एचआईवी की समय पर जांच कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि संक्रमण की स्थिति का समय रहते पता चलने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार और आवश्यक सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।
गर्भवती महिलाओं की जांच जरूरी
एसटीआई काउंसलर सोनी राजवंशी ने कहा कि समय पर जागरूकता, जांच और उपचार एचआईवी-एड्स से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की समय पर एचआईवी जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एचआईवी की जांच समय से कराने और संक्रमण की पुष्टि होने पर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार शुरू करने से मां से बच्चे में संक्रमण पहुंचने की संभावना को काफी कम किया जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एचआईवी संक्रमण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक होने के साथ समाज में भी एचआईवी एवं एड्स को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करने का आह्वान किया।