ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं, डॉक्टरों की टीम और शत-प्रतिशत टीकाकरण के दिए निर्देश
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त ओपी आर्या ने जिलाधिकारी प्रणय सिंह, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ तहसील पटियाली क्षेत्र के नगला नैनसुख और नगला जयकिशन का स्टीमर से निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनका हाल जाना और उनकी समस्याओं व जरूरतों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों से बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत के अनुसार सभी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीम लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने पर जोर दिया। बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों की आशंका को देखते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा नियमित रूप से स्वच्छता कार्य कराने के निर्देश भी दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी समस्या की सूचना मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर उसका तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। कुछ स्थानों पर कटान की स्थिति बनी थी, जिस पर सिंचाई एवं बाढ़ खंड की ओर से आवश्यक कार्रवाई की गई है।
उन्होंने राहत सामग्री वितरण और बाढ़ चौकियों की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली तथा आवश्यकता के अनुसार राहत चौकियों को तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए।
इसके बाद मंडलायुक्त ओपी आर्या, जिलाधिकारी प्रणय सिंह और एसपी ओम प्रकाश सिंह प्रेमादेवी करनसिंह इंटर कॉलेज, गढ़िया मजरा सनोड़ी में बनाए गए बाढ़ राहत कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभावित लोगों का हाल जाना और उन्हें राहत सामग्री वितरित की। अधिकारियों ने कैंप में भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बाढ से बीच बीमारी से आ रही समस्या
पटियाली के बाढ़ प्रभावित गांव नगला जयकिशन में शुक्रवार को तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित सात वर्षीय सागर ने पिता भूदेव की गोद में ही दम तोड़ दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा होने के कारण मासूम को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। परिजन गांव में ही एक चिकित्सक से उसका इलाज करा रहे थे।
सागर को तीन दिन से तेज बुखार आ रहा था। बाढ़ का पानी चारों तरफ भरा होने के कारण परिवार उसे बाहर अस्पताल नहीं ले जा सका। शुक्रवार सुबह उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसने पिता की गोद में दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार बालक की मां भी बुखार की चपेट में हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। गांव में कई अन्य लोगों के भी बुखार से पीड़ित होने की बात सामने आई है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
वही कुछ दिन पूर्व पास के बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में धर्मवीर नामक वृद्ध की भी बुखार से मौत हो चुकी है। लगातार बुखार के मामले सामने आने और आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीण उर्वेश ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।
मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमें लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, टीकाकरण अभियान चलाने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अरुण कुमार, अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह, एसडीएम सुशांत सावरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।