स्थलीय निरीक्षण न होने, संशोधित निविदा के अभिलेख गायब और जल कनेक्शन का रिकॉर्ड न देने का आरोप; स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की दोबारा उठी मांग
गंजडुंडवारा। नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर हुए ₹8.08 लाख के भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हुई विभागीय जांच पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए जांच रिपोर्ट को एकपक्षीय, अपूर्ण और भ्रामक बताया है। आरोप है कि जिस कार्य को लेकर शिकायत की गई थी, जांच उसी कार्य की न होकर दूसरे स्थान पर कर दी गई। वहीं जागरण टुडे की दोबारा पड़ताल में स्थानीय लोगों ने ऐसे तथ्य सामने रखे हैं, जिन्होंने पूरे मामले में सरकारी धन के उपयोग और योजना की उपयोगिता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब जागरण टुडे ने वार्ड संख्या-25 में 110 एमएम पीवीसी पाइपलाइन बिछाने के नाम पर किए गए भुगतान की पड़ताल की थी। अभिलेखों के अनुसार 15वें वित्त आयोग की धनराशि से अख्तर के घर से अंसार के घर तक, हासिम भाई के घर से फारूख के घर तक तथा पप्पू के घर से अतीक के घर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य स्वीकृत था। इसी कार्य के लिए 13 दिसंबर 2024 को एक कंस्ट्रक्शन फर्म के पक्ष में जीएसटी सहित ₹8,08,190 का भुगतान किया गया। हालांकि पड़ताल के दौरान स्थानीय लोगों ने संबंधित स्थानों पर अभिलेखों के अनुरूप पाइपलाइन बिछाए जाने से इनकार किया था, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव नवनीत सिंह चहल ने नगर विकास एवं नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर पालिका परिषद की ओर से प्रस्तुत जांच आख्या पर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।
विभागीय जांच आख्या संशोधित निविदा के आधार पर में वार्ड संख्या-17 में जामा मस्जिद पुलिया से मोहनपुर रोड स्थित कोल्ड स्टोरेज तक 110 एमएम एचडीपीई पाइपलाइन विस्तार का उल्लेख कर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।