मुख्यमंत्री के नाम खून से लिखा था प्रार्थना पत्र, डीएम को सौंपकर दी थी मुख्यमंत्री आवास के सामने पूरे परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। सोरों कस्बे के कटरा मठ में संपत्ति विवाद से जुड़े चर्चित प्रकरण में आखिरकार पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। कार्रवाई में देरी से आक्रोशित पीड़ित परिवार ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम अपने खून से प्रार्थना पत्र लिखकर जिलाधिकारी को सौंपा था और चेतावनी दी थी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री आवास, लखनऊ के सामने पूरे परिवार सहित आत्मदाह करेंगे। मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने अब नौ नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना सोरों में दर्ज एफआईआर के अनुसार, विश्वजीत गुप्ता पुत्र सुनील कुमार गुप्ता निवासी मोहल्ला कटरा मठ ने बताया कि उनके परिवार और नानकचंद गुप्ता के परिवार के बीच जमीन एवं दुकानों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस संबंध में दीवानी न्यायालय कासगंज में मुकदमा विचाराधीन है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसी विवाद के चलते 23 अप्रैल 2026 को उनके भाई आयुष गुप्ता के साथ मारपीट की घटना भी हुई थी, जिसमें पहले से थाना सोरों में मुकदमा दर्ज है।
पीड़ित के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात करीब 11:30 बजे शिवम गुप्ता, ऋषभ गुप्ता पुत्रगण नानकचंद गुप्ता, अतुल गुप्ता, संजू, राहुल पुत्रगण सुमन गुप्ता, शिवा गुप्ता पुत्र सुलेखा गुप्ता, विनीत गुप्ता, बोबी गुप्ता पुत्र निमन गुप्ता तथा अन्य अज्ञात लोग उनकी संपत्ति पर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर तोड़ दिए। इसके बाद वहां रखे जरूरी दस्तावेज और करीब 1.50 लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली।
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और थाना सोरों पुलिस को दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद कई बार शिकायत करने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
न्याय की उम्मीद टूटने पर परिवार ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। परिवार ने मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से प्रार्थना पत्र लिखा, जिसे जिलाधिकारी कासगंज को सौंपा गया। पत्र में साफ चेतावनी दी गई थी कि यदि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा परिवार मुख्यमंत्री आवास, लखनऊ के सामने आत्मदाह करेगा, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले दी गई शिकायत में उनसे 'लूट' शब्द का उल्लेख हो गया था, जबकि वास्तविक घटना 'चोरी' की थी। इस संबंध में उन्होंने संशोधित तहरीर देकर चोरी का मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया।
पुलिस ने संशोधित तहरीर के आधार पर शिवम गुप्ता, ऋषभ गुप्ता, अतुल गुप्ता, संजू, राहुल, शिवा गुप्ता, विनीत गुप्ता, बोबी गुप्ता समेत नौ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।