मेंटिनेंस अवधि में पुराने ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं, दूसरे ठेकेदार से कराई मरम्मत भी हुई नाकाम; गुणवत्ता और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल
गंजडुंडवारा। नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा के वार्ड संख्या-17 स्थित शेरवानी स्कूल मार्ग पर वर्ष 2024 में करीब 4.25 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया और एप्रोच सड़क एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जिस निर्माण कार्य पर शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे, वह निर्माण के महज एक माह के भीतर उखड़ने लगा था। जागरण टुडे की पड़ताल में सामने आया है कि करीब डेढ़ वर्ष बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। जून 2026 में कराई गई मरम्मत भी कुछ ही दिनों में जवाब दे गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जागरण टुडे की पड़ताल में सामने आया कि निर्माण के समय ही स्थानीय लोगों और सभासदों ने आरोप लगाया था कि पुलिया में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। लगभग 20 फीट चौड़ी पुलिया के नीचे से गुजरने वाले नाले की सफाई के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं छोड़ी गई। निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क की सतह से बजरी उखड़ने लगी, हल्की ठोकर लगते ही गिट्टी बाहर निकलने लगी और झाड़ू लगाने पर रेत उड़ने लगी थी। उस समय तत्कालीन अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने निरीक्षण कर खामियों में सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
निर्माण कार्य उस समय मेंटिनेंस अवधि में था, इसलिए नियमानुसार मरम्मत की जिम्मेदारी उसी ठेकेदार की थी जिसने निर्माण कराया था। जागरण टुडे की पड़ताल में यह भी सामने आया कि पुराने ठेकेदार को न तो कोई प्रभावी नोटिस दिया गया और न ही उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई।