एआईएमसीईए के मंडलीय सम्मेलन में 70 मेधावी छात्र-छात्राओं, 10 समाजसेवियों और 10 उत्कृष्ट व्यापारियों का सम्मान
ऑल इंडिया महापदमनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन (एआईएमसीईए) ने रविवार को मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह एवं मंडलीय सम्मेलन का आयोजन किया। शहर के बदायूं रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव रहे। विशिष्ट अतिथियों में एआईएमसीईए के प्रदेश अध्यक्ष अशोक नंद, अपर महासचिव रमेश श्रीवास्तव और उत्तराखंड समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता बीना किशोर शामिल रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव 'सविता' ने की।
मुख्य अतिथि शुभलेश यादव ने कहा कि दलित और पिछड़े समाज के लोगों को अपनी ताकत पहचाननी होगी, तभी उन्हें उनका अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां शोषितों, वंचितों और गरीबों को ऐसे रास्ते पर ले जा रही हैं, जहां वे सवाल तक न कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नियुक्तियों में आरक्षण को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण दलित और पिछड़े समाज को मुख्यधारा में लाने का माध्यम है। समाजवादी पार्टी लगातार जातीय जनगणना की मांग कर रही है, ताकि विभिन्न वर्गों की वास्तविक जनसंख्या के आधार पर उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
शुभलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में सविता-नंद समाज को पूरा सम्मान दिया जाता है। उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम और नगर पंचायत चुनाव में नंद-सविता समाज के कम से कम दो लोगों को टिकट दिया जाएगा। जिला पंचायत चुनाव में सतेंद्र श्रीवास्तव के अलावा दो अन्य टिकट भी समाज के लोगों को दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। इसके लिए स्थान का चयन समाज के लोग करेंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में बृजेश श्रीवास्तव 'सविता' ने कहा कि आजाद भारत में सबसे पहले बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने मुंगेरी लाल आयोग की सिफारिशें लागू कर गरीबों, पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सच्चे समाजवादी नेता थे और सामाजिक न्याय की उनकी नीतियों का मनुवादी सोच रखने वाले लोगों ने विरोध किया। उन्होंने युवाओं से कर्पूरी ठाकुर के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सामाजिक चिंतक एवं लेखक सुरेंद्र सोनकर ने कहा कि दलित और पिछड़े समाज को अपने महापुरुषों के संघर्ष और विचारों को समझकर उनका अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नंद-सविता समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और कर्पूरी ठाकुर ने सामाजिक न्याय को नई दिशा दी।
कार्यक्रम में 10 उत्कृष्ट व्यापारियों, 10 वरिष्ठ समाजसेवियों और 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एआईएमसीईए के प्रदेश संगठन सचिव रविशंकर श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष अमर नंद, सतेंद्र श्रीवास्तव, धर्मपाल श्रीवास्तव, मंडल कोषाध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव 'स्वदेशी', गौरवजीत श्रीवास्तव, उद्यमी रविकांत, जितेंद्र श्रीवास्तव मरेना, दीपक नंदवंशी, सीमा श्रीवास्तव, कामनी श्रीवास्तव, साक्षी श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव, राकेश सुल्तानपुरी, विपिन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल ठाकुर और श्याम माथुर ने किया।