जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत दर्ज 21 मामलों का निस्तारण करते हुए न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र की अदालत ने कुल 15 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
यह कार्रवाई 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच निस्तारित मामलों से संबंधित है। इन मामलों में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों के खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई के दायरे में निगोही, सदर बाजार, जलालाबाद, रोजा, कटरा, तिलहर, गढ़िया रंगीन, मिर्जापुर, कांट और जैतीपुर थाना क्षेत्रों के खाद्य कारोबारी शामिल रहे। इसके अलावा कई मामलों में संबंधित खाद्य उत्पादों के निर्माता और सप्लायर कंपनियों को भी पक्षकार बनाकर उनके विरुद्ध अर्थदंड की कार्रवाई की गई।
अदालत ने अलग-अलग मामलों में 35 हजार रुपये से लेकर 1.40 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
प्रशासन का मानना है कि नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई से मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।