नगर पालिका परिषद सोरों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और बोर्ड की बजट बैठक को नियमों के विपरीत कराए जाने के विरोध में बुधवार को सभासदों ने मोर्चा खोल दिया। नगरपालिका सभागार में सभासदों ने धरना-प्रदर्शन, क्रमिक अनशन शुरू करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। सभासदों ने स्पष्ट किया कि जब तक जांच शुरू कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे सभासद संघ अध्यक्ष विष्णुकान्त तिवारी ने कहा कि नगर पालिका में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित की अनदेखी करते हुए नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
सभासद नीतेश पचौरी ने आरोप लगाया कि बोर्ड की बजट बैठक को नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए असंवैधानिक तरीके से सम्पन्न कराया गया। उनका कहना था कि इससे निर्वाचित सभासदों के अधिकारों का हनन हुआ है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
सभासद पवनेश सक्सेना ने कहा कि नगर पालिका जनता के टैक्स के धन से संचालित होती है, इसलिए प्रत्येक रुपये का पारदर्शी उपयोग होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभासद जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं।
धरना-प्रदर्शन में सभासद रवि दुबे, जयपाल कश्यप, सभासद प्रतिनिधि मुनीश चौधरी, जय सिंह, सोहेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में नगर पालिका परिषद सोरों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग दोहराई।
धरने के दौरान सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।