सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित होने वाले समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) से पहले शनिवार को मथुरा में विभिन्न लंबित मामलों में सुलह एवं आपसी सहमति से समाधान की संभावनाएं तलाशने के लिए विशेष सुलह वार्ता बैठकों का आयोजन किया गया। यह आयोजन उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा विकास कुमार के निर्देशन में संपन्न हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी सूचना के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। इन विशेष लोक अदालतों का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में होगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में लंबित उपयुक्त मामलों को शामिल कर आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
इसके पूर्व राज्य, जिला, तालुका और उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर मामलों का समाधान निकाला जा सके।
इसी क्रम में शनिवार को मथुरा जनपद से संबंधित चिन्हित पत्रावलियों की सुनवाई के लिए गठित पीठों के समक्ष पृथक-पृथक सुलहवार्ता बैठकें आयोजित हुईं। एक पीठ की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश अरविंद कुमार तथा दूसरी पीठ की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद ने की।
बैठकों में चिन्हित मामलों के पक्षकार उपस्थित हुए और आपसी सहमति से समाधान की संभावनाओं पर चर्चा की गई। सुलहवार्ता में पीठों के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने भी बैठकों में भाग लिया और पक्षकारों को इस अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
अनीता सिंह ने कहा कि समाधान समारोह का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित उपयुक्त मामलों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसके लिए पक्षकारों को संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से विवादों के समाधान का अवसर दिया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि वे लोक अदालत और सुलह प्रक्रिया का लाभ उठाकर समय, धन और ऊर्जा की बचत करते हुए अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करें।