पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल और चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग होने का बताया
जागरण टूडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि दुर्घटना में उसके पैर में केवल मामूली फ्रैक्चर था, लेकिन चिकित्सकों द्वारा अत्यधिक कसकर प्लास्टर बांधने से पैर की नसों में रक्त संचार बाधित हो गया। हालत बिगड़ने पर कई अस्पतालों में जांच कराई गई, जहां चिकित्सकों ने पैर काटने की सलाह दी। अंततः उसकी जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ा। मामले में पीड़ित ने कोतवाली कासगंज में तहरीर देकर अस्पताल और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चकेरी निवासी लोकेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 28 मई 2026 की रात वह सड़क हादसे का शिकार हो गया था। दुर्घटना के बाद रात करीब 10:30 बजे उसे उपचार के लिए डीसीएम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एक्स-रे जांच में पैर में मामूली फ्रैक्चर बताया गया। आरोप है कि चिकित्सक ने पैर पर अत्यधिक कसकर प्लास्टर चढ़ा दिया। दर्द बढ़ने की शिकायत करने पर चिकित्सकों ने यह कहकर टाल दिया कि हड्डी जुड़ने के दौरान दर्द होना सामान्य बात है।
पीड़ित के अनुसार पांच से छह दिन बाद उसके पैर की स्थिति लगातार बिगड़ने लगी। इसके बाद उसने आगरा स्थित एक ट्रॉमा सेंटर में उपचार कराया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि पैर की नसों में रक्त संचार रुक जाने से पैर पूरी तरह खराब हो चुका है। बाद में अन्य चिकित्सकों से भी परामर्श लिया गया, लेकिन सभी ने पैर काटने की ही सलाह दी। अंततः ऑपरेशन कर उसका पैर काटना पड़ा।
लोकेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया है और उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। उसने अपनी तहरीर में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो।