ईमेल और एक्स के जरिए डीएम से की शिकायत, बजट प्रस्ताव निरस्त कर जांच व कार्रवाई की मांग; नगर पालिका प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
जागरण टूडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
सोरों नगर पालिका परिषद की बजट बैठक को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड-13 के सभासद पवनेश सक्सेना समेत कई सभासदों ने जिलाधिकारी कासगंज को ईमेल एवं एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से शिकायत भेजकर नगर पालिका अध्यक्ष पर बजट बैठक में नियमों की अनदेखी करने और प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बजट प्रस्ताव निर्धारित नियमों के अनुरूप पारित नहीं कराया गया। सभासदों का कहना है कि बैठक में आवश्यक बहुमत का पालन नहीं किया गया तथा कुछ दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने, बजट प्रस्ताव को निरस्त करने, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा विधिक कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में विरोध दर्ज कराने वालों में सभासद संघ के अध्यक्ष विष्णुकांत तिवारी सहित कई निर्वाचित सभासद शामिल हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
उधर, नगर पालिका परिषद प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि बोर्ड की बजट बैठक रेलवे रोड स्थित कैंप कार्यालय में विधिवत आयोजित की गई थी। बैठक में अधिशासी अधिकारी हर्षिता देवड़ा सहित नामित सभासद समेत कुल 18 सभासद उपस्थित रहे। प्रशासन के अनुसार सभी सदस्यों को बैठक की पूर्व सूचना और एजेंडा नियमानुसार उपलब्ध कराया गया था तथा बजट प्रस्ताव विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पारित किया गया।
नगर पालिका प्रशासन का यह भी कहना है कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। यदि जिला प्रशासन किसी भी स्तर पर जांच कराता है तो सभी अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। फिलहाल यह मामला शिकायत के बाद जिला प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर तय की जाएगी।