श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर उनका अभियान वर्षों से लगातार चल रहा है और इसे देश-विदेश तक जनजागरण के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए अभियान चलाने की बात सामने आने के बाद इस विषय को नई गति मिलने की उम्मीद है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े प्रकरण में वह न्यायालय में हिंदू पक्ष की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि इस विषय से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों के समर्थन में उन्होंने मुगलकालीन अभिलेखों तथा भारतीय एवं विदेशी लेखकों की पुस्तकों सहित अनेक दस्तावेज विभिन्न पुस्तकालयों से एकत्र किए हैं, जिन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि सनातन समाज और संत-महात्माओं के सहयोग से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार भारत के अलावा एक दर्जन से अधिक देशों में भी इस विषय को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दायर की है। उनका दावा है कि मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में भगवान श्रीकृष्ण के विग्रहों को मथुरा से आगरा ले जाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगाया गया था। उन्होंने न्यायालय से उन विग्रहों को सम्मानपूर्वक मथुरा वापस लाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े सभी मामलों का अंतिम निर्णय न्यायालय के माध्यम से ही होगा और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने समाज से इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से जनजागरण अभियान में सहयोग करने की अपील की।