नगर पालिका की लापरवाही पर उठे सवाल, ऊंचे और ब्रेकरों मे मानक की अनदेखी से बढ़ रहा हादसों का खतरा
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा द्वारा नगर के विभिन्न वार्डों में बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब लोगों की सुरक्षा के बजाय उनके लिए जानलेवा साबित होने लगे हैं। यातायात को नियंत्रित करने के नाम पर कई स्थानों पर ऐसे स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं, जो निर्धारित तकनीकी मानकों के विपरीत हैं। इन ब्रेकरों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। सोमवार सुबह मोहल्ला धनपाल मार्ग पर ऐसा ही एक हादसा हुआ, जिसमें एक साइकिल सवार घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार कस्बे के सुदामापुरी रोड निवासी अरविंद गुप्ता प्रतिदिन की तरह सोमवार सुबह साइकिल से दूध लेने जा रहे थे। वह राजाराम चौराहे से होते हुए मोहल्ला धनपाल की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में बने एक के बाद एक ऊंचे और बड़े स्पीड ब्रेकरों से गुजरते समय उनकी साइकिल लगातार झटके खाती रही। इसी दौरान एक स्पीड ब्रेकर पर साइकिल असंतुलित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसा इतना जोरदार था कि साइकिल का आगे का चिमटा (फोर्क) भी टूट गया। गिरने से उनके सिर में चोट आई। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को ई-रिक्शा के माध्यम से चिकित्सक के यहां पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया।
मानकों की अनदेखी बनी हादसों की वजह
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका ने कई स्थानों पर बिना किसी तकनीकी मानक का पालन किए स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। सड़क सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई लगभग 10 सेंटीमीटर (100 मिमी) तथा चौड़ाई करीब 3.7 मीटर होनी चाहिए। इसके दोनों ओर उचित ढलान होना आवश्यक है, ताकि वाहन सुरक्षित गति से गुजर सकें। साथ ही प्रत्येक स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टियों की पेंटिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाना भी आवश्यक माना जाता है।
लेकिन नगर के कई स्थानों पर बने स्पीड ब्रेकर इन मानकों से कहीं अधिक ऊंचे और तीखे हैं। अधिकांश स्थानों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रिफ्लेक्टिव पेंटिंग की गई है। ऐसे में विशेषकर रात के समय दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल सवारों के लिए ये ब्रेकर दुर्घटना का बड़ा कारण बन रहे हैं।
गड्ढे भरने के बजाय सड़क को ब्रेकरों से पाटा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर पालिका के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर पहले से गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ हिस्से थे तो नगर पालिका को उनकी मरम्मत कराकर सड़क समतल करनी चाहिए थी। इसके बजाय पूरे मार्ग पर जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बना दिए गए, जिससे सड़क पहले से अधिक खतरनाक हो गई है। नागरिकों का आरोप है कि खराब सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय उस पर अवैज्ञानिक तरीके से ब्रेकर बनाकर लोगों की जान जोखिम में डाल दी गई है।
तकनीकी जांच और कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि नगर के सभी स्पीड ब्रेकरों की तकनीकी जांच कराई जाए। जो स्पीड ब्रेकर निर्धारित मानकों के विपरीत बनाए गए हैं, उन्हें तत्काल हटाकर या मानकों के अनुरूप दोबारा बनाया जाए। साथ ही प्रत्येक ब्रेकर पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव पेंट और अन्य आवश्यक सुरक्षा संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन जानलेवा स्पीड ब्रेकरों को मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन की होगी।