महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े 51 मामलों की गहन समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीड़ित महिलाओं और बच्चों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने, आर्थिक मदद की प्रक्रिया में तेजी लाने और पात्र मामलों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने सभी प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि महिला एवं बाल उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ितों तक सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय बेहद जरूरी है।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुश्री रेनू, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पियूष मिश्रा, अभियोजन अधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।