नगर पालिका की अनोखी कार्यशैली बनी चर्चा का विषय, लोग बोले- ऐसा प्लानिंग तो बड़े-बड़े इंजीनियर भी नहीं सोच पाए होंगे
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा के भ्रष्ट्राचार पूर्ण विकास कार्य इन दिनों नगरवासियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। ताजा मामला मोहल्ला धनपाल स्थित गौरी शंकर मंदिर के सामने वाली गली का है, जहां करीब एक सप्ताह पहले पालिका द्वारा नए स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया गया था। लेकिन ब्रेकर बनने की खुशी लोगों के दिलों में ज्यादा दिन टिक नहीं पाई, क्योंकि कुछ ही दिनों बाद उसी गली में नई सड़क का निर्माण करा दिया गया और देखते ही देखते नया-नवेला ब्रेकर सड़क के नीचे दबकर लगभग गायब हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस ब्रेकर को वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था, उसकी खुद की उम्र एक सप्ताह भी नहीं निकल सकी। सड़क निर्माण के बाद ब्रेकर नई सड़क में समा गया है और अब उसकी मौजूदगी केवल यादों और पुरानी तस्वीरों में ही दिखाई दे रही है।
लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि शायद पालिका ने यह जांचने के लिए ब्रेकर बनाया था कि वह सड़क के नीचे दबने के बाद कैसा दिखाई देगा। कुछ लोगों का कहना है कि नगर पालिका को इस उपलब्धि के लिए "सबसे कम उम्र वाले स्पीड ब्रेकर" का रिकॉर्ड बनवाने की कोशिश करनी चाहिए।
नगरवासियों का सवाल है कि जब उसी गली में सड़क निर्माण प्रस्तावित था तो पहले ब्रेकर बनाने की क्या आवश्यकता थी? यदि सड़क पहले बनती और बाद में ब्रेकर का निर्माण कराया जाता तो सरकारी धन, श्रम और समय तीनों की बचत हो सकती थी। लेकिन यहां विकास कार्यों का क्रम कुछ ऐसा रहा कि पहले ब्रेकर बना, फिर सड़क बनी और अंत में ब्रेकर ही सड़क में समा गया।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि नगर में कई स्थान ऐसे हैं जहां मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है, लेकिन यहां एक ऐसा निर्माण कार्य देखने को मिला जिसमे दुगना खर्च किया जा रहा है। क्यों कि अगर सड़क बननी ही थी, तो ब्रेकर निर्माण पर खर्च की क्या आवश्यकता थी।