सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यशाला में शिक्षकों को सिखाई गई आधुनिक शिक्षण पद्धतियां
Central Board of Secondary Education के अंतर्गत बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र में संचालित बीडीएम पब्लिक स्कूल में “क्लासरूम मैनेजमेंट एवं डिफरेंशिएटेड लर्निंग टेक्नोलॉजीज़” विषय पर सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यशाला (Capacity Building Workshop) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रभावी कक्षा प्रबंधन और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक अचल मिश्रा, सीबीएसई रिसोर्स पर्सन सुश्री शिवा शर्मा तथा प्रधानाचार्या डॉ. चारू खन्ना द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान सीबीएसई रिसोर्स पर्सन सुश्री शिवा शर्मा ने विभिन्न प्रस्तुतियों, संवादात्मक गतिविधियों और उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की अलग-अलग सीखने की क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षण तकनीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने, अनुशासन बनाए रखने और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने के उपाय साझा किए।
लगभग आठ घंटे तक चले इस प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को व्यावसायिक विकास, सकारात्मक कक्षा वातावरण, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा और तकनीकी आधारित शिक्षण की बारीकियों से परिचित कराया गया। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने समूह गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए और नई शिक्षण विधियों को व्यवहारिक रूप से समझा।
विद्यालय के निदेशक अचल मिश्रा ने कहा कि सीबीएसई विद्यालयों में इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों के कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षण पद्धतियों में बदलाव आवश्यक है और शिक्षकों को लगातार नई तकनीकों से जुड़ना चाहिए।
प्रधानाचार्या डॉ. चारू खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय की कक्षाएं केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास विकास, अनुशासन और संस्कारों की नींव भी होती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में प्रेरणा, मार्गदर्शन और आदर्श की भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन ज़ेड. ए. खान द्वारा किया गया। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में प्रधानाचार्या डॉ. चारू खन्ना ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।