जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज का पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिटौना में बंद पड़ा शिक्षण कार्य सोमवार को प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयास से दोबारा शुरू हो गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चों से वार्ता की और कड़ी मशक्कत के बाद विद्यालय का ताला खुलवाकर पढ़ाई बहाल कराई।
बीएसए सूर्य प्रताप सिंह के निर्देश पर पहुंचे पटियाली खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार और कासगंज खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चौधरी ने स्थिति को संभालते हुए लोगों को समझाया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार एवं राजेश चौधरी ने स्वयं कक्षा में बच्चों को पढ़ाकर सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया।
शनिवार को हुआ था जोरदार विरोध
दरअसल, शनिवार को विद्यालय की शिक्षिका शालिनी मिश्रा के निलंबन के बाद छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा था। नाराज बच्चों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षिका की वापसी की मांग को लेकर हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपने बैग स्कूल गेट पर टांग दिए और ऐलान किया कि जब तक उनकी शिक्षिका वापस नहीं आएंगी, तब तक स्कूल नहीं खुलने देंगे।
छात्रों का कहना था कि शालिनी मिश्रा बिना किसी भेदभाव के सभी को पढ़ाती थीं और विद्यालय की साफ-सफाई को लेकर भी जागरूक रहती थीं।
जानकारी के अनुसार, बच्चों से साफ-सफाई कराए जाने की कुछ तस्वीरें बेसिक शिक्षा अधिकारी तक पहुंची थीं। इसके अलावा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने और विद्यालय के लिए आए लैब उपकरणों को लेकर भी विवाद की चर्चा रही, जिनके आधार पर बीएसए द्वारा शिक्षिका को निलंबित किया गया था।
समझाइश के बाद सामान्य हुआ माहौल
सोमवार को विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों और अभिभावकों को समझाया गया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ और विद्यालय में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू हो गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
इस मौके पर ग्राम प्रधान सहित विद्यालय परिवार के सदस्य—ज्योति सक्सेना, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, अनुपरेखा, दिनेश कुमार, सरिता कुमारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।