धर्मनगरी मथुरा में 29 अप्रैल को जिला कांग्रेस कमेटी पदाधिकारियों ने सेठबाड़ा स्थित कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उनके निशाने पर गोविंद नगर थाना पुलिस रही।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि वेतन असंगति के मुद्दे पर आंदोलित स्वीटी सुपारी फैक्ट्री के श्रमिकों की समस्याओं की जानकारी लेने को वहां गए थे, लेकिन गोविंद नगर थाना पुलिस ने उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वे एक मीडिया कर्मी से इस विषय पर चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की ये कार्रवाई विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला है। इस मसले पर स्थिति की जानकारी लेने पहुंचे श्री धनगर को सिर्फ मीडिया से वार्ता करने पर गिरफ्तार करना घोर निंदनीय है, जो मज़दूरों के चौतरफा शोषण में पुलिस प्रशासन की संलिप्तता की मिसाल है।
ज्यों ही अपरान्ह कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री धनगर को थाना गोविंद नगर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी कांग्रेसियों और आम लोगों को हुई, उन्होंने थाने पर धरना शुरू कर दिया। बाद में सीओ सिटी आशना चौधरी ने मौके पर पहुंचकर लोगों से वार्ता कर। इसके पश्चात छोड़ा गया।
श्री धनगर का कहना है कि उनकी हर तरह से जांच करा ली जाए, वह इसके लिए तैयार हैं, लेकिन वह मथुरा के समस्त बृजवासियों की समस्याओं को लेकर सड़क से लेकर संसद तक बेवाकी से अन्याय के खिलाफ शोषित आमजन की आवाज को बुलंद करने का काम करते रहेंगे। इसके लिए वह किसी भी परीक्षा के लिए तैयार हैं।
पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने कहा कि मथुरा पुलिस द्वारा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर जिला महासचिव वैद्य मनोज गौड़ भी मौजूद रहे।