जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में रविवार शाम कादरगंज गंगा पुल पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव रम्पुरा को मातम में डुबो दिया। सोमवार सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद पति-पत्नी और उनके डेढ़ साल के मासूम बेटे के शव गांव पहुंचे, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। परिजनों की चीत्कार सुन हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोपहर में कादरगंज गंगाघाट पर तीनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। यह मंजर इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर शख्स फफक पड़ा।
रविवार की शाम पटियाली-बदायूं हाईवे स्थित कादरगंज गंगा पुल पर तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक को बेरहमी से रौंद दिया था। हादसे में पटियाली क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी सोमवीर (30), उनकी पत्नी अमिता (27) और डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे शिवा की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया गया कि तीनों बाइक से अमिता की ननिहाल, जिला बदायूं के गांव रजलामऊ में शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में काल बनकर आए कैंटर ने पूरे परिवार को लील लिया।
सोमवार तड़के तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद जब शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। मां-बाप और मासूम बेटे की निर्जीव देह देखकर परिजनों का कलेजा फट पड़ा। गांव की महिलाएं छाती पीट-पीटकर रोती रहीं। हर जुबान पर बस एक ही बात थी,“भगवान ने बहुत बुरा किया।
दोपहर में कादरगंज गंगाघाट पर जब तीनों शवों को एक ही चिता पर रखा गया, तो वहां मौजूद हर आंख छलक उठी। एक साथ पति-पत्नी और मासूम बेटे की चिता जलती देख माहौल और भी गमगीन हो गया। गांव के लोग नम आंखों से अंतिम विदाई देते रहे। पूरे घाट पर सिर्फ सिसकियां और चीखें सुनाई दे रही थीं।
इस हादसे ने दो मासूम बच्चियों की दुनिया भी उजाड़ दी। माता-पिता और छोटे भाई को खोने के बाद बेटी अवनी और भावी का रो-रोकर बुरा हाल है। बुआ सुनीता और गांव की महिलाएं दोनों बच्चियों को ढांढस बंधाने में लगी रहीं, लेकिन मासूम बच्चियां बार-बार अपने मां-बाप को याद कर बिलख उठीं। वही गांव रम्पुरा में पूरे दिन मातम पसरा रहा और लोग इस दर्दनाक हादसे की चर्चा करते रहे।