दिनेश कुमार , आगरा
सड़क हादसों में कमी लाने और नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के लिए मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति ने अब सख्त रुख अपना लिया है। मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में साफ संकेत दिए गए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चाहे वह वाहन चालक हो, स्कूल प्रबंधन हो या टोल प्लाजा संचालक।
बैठक में आगरा मंडल के चारों जनपद आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों में जहां आगरा, मैनपुरी और मथुरा ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं फिरोजाबाद की स्थिति बिगड़ने पर नाराजगी जताई गई। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फिरोजाबाद में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
हेलमेट, सीट बेल्ट अभियान तेज
परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई का असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है। हेलमेट, सीट बेल्ट और मोबाइल फोन के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान में फिरोजाबाद और मैनपुरी में चालानों की संख्या में करीब 200 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। ओवरस्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइविंग और स्टंटिंग पर भी सख्ती बढ़ाई गई है।
710 लाइसेंस निलंबित
पिछले दो महीनों में मण्डलभर में 710 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगरा में 250, मथुरा में 265, फिरोजाबाद में 98 और मैनपुरी में 97 लाइसेंस पर कार्रवाई हुई है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में दुर्घटना से जनहानि होती है, उनमें दोषी चालकों के लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की ठोस प्रक्रिया तैयार की जाए।
ओवरलोड वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, 18.46 करोड़ वसूली
मण्डल में 7338 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 18.46 करोड़ रुपये का प्रमशन शुल्क वसूला गया है। हालांकि कई टोल प्लाजाओं से डाटा न मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और सभी टोल पर वे-इन-मोशन ब्रिज स्थापित करने के निर्देश दिए।
स्कूल वाहनों पर सख्ती, 3569 की जांच
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर दिखा। यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल के तहत 3569 स्कूल वाहनों का भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है। जिन स्कूलों ने अब तक अपने वाहनों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं की है, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
220 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
मण्डल में 220 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इनके सुधार के लिए अल्प और दीर्घकालिक योजनाएं लागू की जा रही हैं। आयुक्त ने सभी विभागों को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा मित्र और जीरो फेटिलिटी मिशन पर जोर
सड़क हादसों को कम करने के लिए ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ योजना के तहत चारों जिलों में स्वयंसेवकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा में ‘जीरो फेटिलिटी डिस्ट्रिक्ट’ प्रोग्राम लागू कर क्रिटिकल कॉरिडोर पर विशेष निगरानी की जा रही है।
एक्सप्रेस-वे पर 10 दिन का अभियान
एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए 27 अप्रैल से 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें ओवरलोड वाहन, अवैध माल ढुलाई, स्लीपर बसों और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही अवैध ढाबों और संदिग्ध आबकारी दुकानों की भी जांच की जाएगी।
एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम चेक होगा
बैठक में एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि हर सड़क दुर्घटना में एंबुलेंस की पहुंच का सर्वे कराया जाए और यमुना एक्सप्रेसवे पर तैनात एंबुलेंस व स्टाफ का पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए।