मीरगंज तहसील में समाधान दिवस के दौरान मण्डलायुक्त ने उपस्थिति रजिस्टर जांचा, लापरवाही पर अधिकारियों से जवाब तलब; 32 शिकायतों में 4 का मौके पर निस्तारण
बरेली जनपद के मीरगंज तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया, जब बरेली मंडल के मण्डलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने औचक निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह की अध्यक्षता में चल रहे समाधान दिवस के दौरान कमिश्नर ने सीधे उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें पांच जिम्मेदार अधिकारी गैरहाजिर मिले।
निरीक्षण के दौरान सीओ मीरगंज, वन क्षेत्राधिकारी मीरगंज, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा बरेली, सहायक अभियंता/अवर अभियंता जल निगम तथा सहायक अभियंता/अवर अभियंता नलकूप बरेली अनुपस्थित पाए गए। इस पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एडीएम (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह को सभी गैरहाजिर अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस दौरान मण्डलायुक्त ने एडीएम पूर्णिमा सिंह और एसडीएम आलोक कुमार के साथ फरियादियों की शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 32 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही गुण-दोष के आधार पर निस्तारण कर दिया गया। सबसे अधिक 12 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग की 2, पुलिस विभाग की 3, खाद्य एवं रसद विभाग की 6 तथा विद्युत विभाग की 5 शिकायतें दर्ज हुईं। चकबंदी और नगर विकास विभाग से एक-एक तथा अन्य विभागों से जुड़ी 2 शिकायतें भी पंजीकृत की गईं।
कमिश्नर के औचक निरीक्षण और गैरहाजिर अधिकारियों पर कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल रही। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की इस कार्रवाई को शासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।