बरेली। स्मार्ट सिटी बरेली को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सथरापुर में बन रहा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट जून से शुरू होने की तैयारी में है। शहर के 80 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 500 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण इसी प्लांट के माध्यम से किया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्लांट में मशीनों के इंस्टॉलेशन का कार्य अंतिम चरण में है। कुछ अत्याधुनिक उपकरण मुंबई से मंगाए जा रहे हैं, जो अगले कुछ दिनों में साइट पर पहुंच जाएंगे। पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि अप्रैल के अंत तक तकनीकी कार्य पूरा कर लिया जाएगा और जून के पहले सप्ताह से प्लांट का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
इस परियोजना के तहत कचरे का निस्तारण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था लागू की जाएगी। गीले कचरे से बायोगैस, सीएनजी और जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाएगा। इससे न केवल कचरे की मात्रा कम होगी, बल्कि यह राजस्व का स्रोत भी बनेगा।
नगर निगम ने इस कार्य के संचालन के लिए दिल्ली की एक संस्था को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे प्रति टन कचरा निस्तारण के लिए 446 रुपये का भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल से शहर में फैले कूड़े के ढेर, बदबू और प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की उम्मीदपिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रोसेसिंग प्लांट की कमी और पुराने कचरे के निस्तारण न होने के कारण बरेली पिछड़ गया था। अब नगर निगम इस प्लांट को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि केंद्रीय टीम के निरीक्षण के दौरान इस परियोजना से शहर को बेहतर अंक मिल सकते हैं।
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट शुरू होने के बाद बरेली स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करेगा और शीर्ष शहरों की सूची में जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।