विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर जीवन रेखा हीमोफीलिया जन कल्याण समिति के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मुख्य अतिथि रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार हीमोफीलिया जैसे गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र मरीज तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया।
अपर जिलाधिकारी (शहर) सौरभ दुबे ने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति केवल शासन-प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज को भी संवेदनशील और जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में दिव्यांगजन सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह ने कहा कि परोपकार और सहयोग से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समाज के लोगों को आगे आकर ऐसे मरीजों की मदद करनी चाहिए, तभी उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सकेगा।
अपर मंडलीय स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रमेश दीक्षित ने बताया कि जिला अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के लिए फैक्टर-8 और फैक्टर-9 सहित सभी जरूरी उपचार उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को निशुल्क रक्त भी उपलब्ध कराया जाता है।
समिति संस्थापक महेश पंडित ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए मरीजों की समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा और समाधान की मांग की। समिति अध्यक्ष रेखा रानी ने बताया कि समिति में करीब 280 मरीज पंजीकृत हैं और सभी को बेहतर उपचार दिलाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में वेदांत अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप पंत, डॉ. विनोद पगरानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और सहयोग का आश्वासन दिया।
इस दौरान समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई लोगों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में करीब 200 लोग उपस्थित रहे। कई मरीजों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिन्हें दर्ज कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
अंत में उपासना पंडित ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के पदाधिकारियों और सहयोगियों की अहम भूमिका रही।