मीरगंज के खमरिया आजमपुर गांव में पेड़ से लटकी मिली थी बुजुर्ग की लाश, पुलिस जांच में बेटे का कबूलनामा
करीब साढ़े पांच माह पूर्व बरेली जिले के मीरगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव खमरिया आजमपुर के जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटके मिले वृद्ध बाबू सिंह (लगभग 70 वर्ष) की मौत का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की गई थी, जिसे मृतक के ही सगे पुत्र ने अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, बाबू सिंह का शव गांव के पास गन्ने के खेत में एक पेड़ से लटका मिला था। शव के हाथ पीछे बंधे हुए थे और स्थिति संदिग्ध थी। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा रहा, जिससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।मामले की गहन विवेचना के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर मृतक के पुत्र कुलदीप सिंह पर शक गहराया। इसके बाद मीरगंज कोतवाली पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डाकखाना चौराहे के पास से हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी कुलदीप सिंह ने स्वीकार किया कि जमीन को लेकर उसके और उसके पिता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दीपावली से पहले दोनों के बीच गन्ने के खेत में कहासुनी हुई, जो बढ़कर हिंसक हो गई। गुस्से में आकर उसने पिता के हाथ बांधकर गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना को आत्महत्या दर्शाने के लिए आरोपी ने शव को कपड़े के सहारे पेड़ से लटका दिया, लेकिन जल्दबाजी में वह हाथ खोलना और शव को पूरी तरह ऊपर लटकाना भूल गया, जिससे शक गहराया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है। इस खुलासे के साथ ही पांच माह पुराने इस मामले से पर्दा उठ गया है।
मीरगंज कोतवाली में तैनात निरीक्षक अपराध संजय तोमर ने बताया कि बाबू सिंह हत्याकांड मामले हत्यारोपी सगा पुत्र कुलदीप सिंह का नाम प्रकाश में आया था जिसे हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही उपरांत जेल भेज दिया ! आरोपी ने जुर्म कबूल किया !