उत्तर प्रदेश के बरेली शरीफ में स्थित खानकाह-ए-वामिकिया के सज्जादानशीन सय्यद मोहम्मद मियां वामिकी अशरफी जिलानी का बुधवार को इंतकाल हो गया। वह 80 साल के थे। उनके भतीजे सय्यद सलमान मियां से बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ां वारसी ने फोन पर बात करके गम और अफसोस का इजहार किया
सय्यद मोहम्मद मियां वामिकी अशरफी जिलानी के इंतकाल की खबर सुनकर उनके मुरीदों में गम की लहर दौड़ गई। जुमेरात (बृहस्पतिवार) को सुबह 08 बजे खानकाह-ए-वामिकिया में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। दरगाह नासिर मिया पर सज्जादानशीन सय्यद मोहम्मद मियां वामिक़ी के लिए दुआ की गई।
इस मौके पर दरगाह के सूफी वसीम मियां साबरी नासरी, रिजवान साबरी, नन्ना मियां, सूफी कमाल मियां साबरी नासरी, शाहिद रजा नूरी आदि ने मगफिरत की दुआ की।
इसके अलावा आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने दुख और गम का इजहार करते हुए कहा कि पीर सय्यद मोहम्मद मियां एक सूफी मनुष्य इंसान थे।
उन्होंने बरेली और रोहेलखंड क्षेत्र में रुहानी सिलसिला अशरफीया के प्रचार-प्रसार का काम किया, उन्होंने अपनी खानकाह के जरिए प्यार, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया।