बदायूँ जिले के कथरा खगेई गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में समस्त ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें विशेष रूप से जाटव समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान राज बहादुर मौर्य उपस्थित रहे। उनके साथ भाजपा शक्ति केंद्र संयोजक विकास श्रीवास्तव, ग्राम बूथ अध्यक्ष विनोद पाल, बीडीसी सदस्य कीर्तिभान सागर, श्रीपाल सागर, अशोक सागर सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
माल्यार्पण के बाद पुष्प वर्षा कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम को और भी आकर्षक बनाने के लिए डीजे की व्यवस्था की गई, जिसमें डॉ. अंबेडकर के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित गीत बजाए गए। इन गीतों ने माहौल को और अधिक जोशपूर्ण बना दिया और लोगों में उत्साह का संचार हुआ।
इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा साहब केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के महान प्रतीक थे। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
वक्ताओं ने लोगों को डॉ. अंबेडकर और रमाबाई के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता ही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बना, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
गौरतलब है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन न केवल भारत में, बल्कि विश्व के कई देशों में भी सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है।