10 हजार रुपये देने के बाबजूद भी नहीं मिल सका पीएम आवास, नाम कटवाने का आरोप—जांच की मांग तेज
जागरण टुडे,मीरगंज (बरेली)
प्रधानमंत्री आवास
योजना (ग्रामीण) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। मीरगंज विकास खंड
के ग्राम पंचायत वहादुरपुर प्रथम की रहने वाली एक महिला ने ग्राम प्रधान पर सुविधा
शुल्क लेने के बावजूद आवास का लाभ न दिलाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे
मामले की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी
और मुख्य विकास अधिकारी तक से करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई
की मांग की है।
पीड़िता हमशीरन
पत्नी मरदान शाह, जो कि अल्पसंख्यक (फकीर) वर्ग से संबंध
रखती हैं, बेहद गरीब परिवार से हैं और वर्तमान में
जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। उनके अनुसार उनका नाम वर्ष 2023-24 की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की
स्थायी पात्रता सूची में गांव वहादुरपुर प्रथम में क्रम संख्या 01 पर दर्ज था, जिसकी आईडी यूपी 142221418 है।
पीड़िता का आरोप
है कि करीब एक वर्ष पहले ग्राम प्रधान राम निवास ने आवास योजना का लाभ दिलाने के
नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की थी। आर्थिक तंगी
के बावजूद उनके पति ने कर्ज लेकर 10 हजार रुपये प्रधान को दे दिए, जबकि शेष राशि अनुदान मिलने पर देने की बात कही गई थी।
इसके बावजूद आज तक
न तो उन्हें आवास योजना का लाभ मिला और न ही दिए गए पैसे वापस हुए। जब उन्होंने
प्रधान से जानकारी ली तो बताया गया कि उनका नाम सूची से कट गया है। पीड़िता को
आशंका है कि उनका नाम हटाकर किसी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दे दिया गया है।
महिला ने अपने
प्रार्थना पत्र में यह भी मांग की है कि गांव में बने अन्य पीएम आवासों की भी जांच
कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कहीं अपात्र
लोगों को तो लाभ नहीं दिया गया है।
पीड़िता ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।
इस सन्दर्भ में ग्राम प्रधान बहादुरपुर राम निवास ने दूरभाष पर बताया कि आरोप निराधार एवं असत्य है, हाँ इतना जरुर कहा की जाँच में नाम कट दिया गया ! वहीं इसी सन्दर्भ में जब खंड विकास अधिकारी मीरगंज से दूरभाष पर जानकारी एवं उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से फोन रिसीव नही होने के कारण बात नही हो सकी !
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।