जागरण टुडे, लखनऊ/कासगंज।
उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की कथित मनमानी, फीस वृद्धि और महंगी किताबों के दबाव को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। ‘अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ’ ने इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो 25 अप्रैल को लखनऊ विधानसभा पर विशाल जनआंदोलन किया जाएगा।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में सरकार के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि NCERT पाठ्यक्रम को अनिवार्य किए जाने के बावजूद अधिकांश निजी स्कूल अभिभावकों को महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने इसे स्कूलों और बुक डिपो के बीच सांठगांठ करार देते हुए कहा कि यह शिक्षा के नाम पर आर्थिक शोषण है।
भूपेश शर्मा ने कासगंज सहित कई जिलों के प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण स्कूल प्रबंधन बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि अभिभावकों पर स्कूल परिसर के भीतर या तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जो नियमों के खिलाफ है।
आंदोलन की रणनीति के तहत संघ ने “शिक्षा बचाओ–अभिभावक बचाओ” अभियान शुरू किया है। इसके लिए सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक टीमें गठित की जा रही हैं, जो अभिभावकों को जागरूक करेंगी और आंदोलन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। संगठन ने 20 अप्रैल तक प्रशासन को कार्रवाई के लिए समय दिया है।
संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख सवाल भी उठाए हैं, जिनमें NCERT लागू न होने, मनमानी फीस वृद्धि, किताबों की खरीद में दबाव और दोषी स्कूलों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। भूपेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि 21 अप्रैल तक सख्त निर्देश जारी नहीं किए गए, तो 25 अप्रैल को लखनऊ में शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।