Sunday, April 19, 2026

बरेली मैथोडिस्ट गर्ल्स कॉलेज जमीन घोटाला: सामने आए कई और चेहरे

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: April 12, 2026

 बरेली मैथोडिस्ट गर्ल्स कॉलेज जमीन घोटाला: सामने आए कई और चेहरे

जागरण संवाददाता, बरेली

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने और लीज घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में जल्द ही कुछ नए नाम सामने आएंगे, जिनमें एक वकील और कारोबारी का नाम भी चर्चा में है।

पुलिस ने जमीन खरीदने वाली फर्म से जुड़े सभी साझीदारों की विस्तृत कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। इस मामले में आरोप है कि करोड़ों रुपये की कीमत वाली जमीन को लीज के जरिए बेहद कम दामों पर निपटाया गया, जिससे गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।

डीआईओएस की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच करने के साथ साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। एफआईआर में डॉ न्यूटन एम परमार, सुनील मसीह और हरीश अरोरा के नाम शामिल हैं। क्षितिज इंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। वहीं, जीएसटी विभाग से मिली जानकारी के बाद जांच और तेज कर दी गई है।

इंस्पेक्टर कोतवाली धनंजय पांडे ने बताया कि जांच अभी जारी है और कई अहम तथ्य सामने आ रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले से जुड़ी कोई रिट कोर्ट में दाखिल है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। उनका कहना है कि जल्द ही नए नाम जोड़े जा सकते है।

यह है पूरा मामला

यह मामला मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के खेल मैदान से जुड़ा है। किला छावनी निवासी अमर सिंह राठौर ने इस संबंध में तत्कालीन मंडलायुक्त से शिकायत की थी। इस पर अपर आयुक्त (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी और एसपी सिटी की तीन-सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि विद्यालय के खेल मैदान का क्षेत्रफल पहले लगभग 20 हजार वर्गमीटर था, जिसमें वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट भी शामिल थे। वर्ष 2009 की लीज डीड और एग्रीमेंट में भी विवादित भूमि को विद्यालय परिसर का हिस्सा दर्शाया गया था।

बावजूद इसके वर्ष 2022 में करीब 610 वर्गमीटर भूमि को अनयूज्ड दिखाकर एक निजी फर्म को लीज पर दे दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि विवादित भूमि की चौहद्दी में एक पुरानी सड़क को भी शामिल कर लिया गया और निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक जमीन पर कब्जा किया गया।जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि भूमि को बेचने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर फर्जी नक्शों का इस्तेमाल किया गया।

शिकायत में एमसीआई के पदाधिकारियों पर कूटरचना कर अवैध लीज करने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही एक्जीक्यूटिव बोर्ड नार्थ इंडिया रीजनल कॉन्फ्रेंस के अधिशासी सचिव सुनील मसीह पर पूर्व में भी कई संपत्तियों की अवैध बिक्री के मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। जांच के बाद डीआईओएस की ओर से पुलिस ने डॉ. न्यूटन एम. परमार, सुनील मसीह, क्षितिज इंटरप्राइजेज (पाटनरर्शिप फर्म) के द्वारा हरीश अरोरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

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