मूसाझाग विकासखंड दातागंज के अंतर्गत आने वाला गांव सराय पिपरिया आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जहां एक ओर सरकार गांवों को शहरों से जोड़ने और विकास के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, वहीं इस गांव में विकास कार्य न के बराबर नजर आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी के कारण गांव की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
गांव तक पहुंचने के लिए आज भी कच्ची सड़क का सहारा लेना पड़ता है, जो बरसात के समय दलदल में बदल जाती है। हल्की बारिश होते ही गलियों में पानी भर जाता है और कीचड़ के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें रोजाना पैदल ही स्कूल जाना पड़ता है। कई बार खराब रास्तों के कारण वे स्कूल तक पहुंच ही नहीं पाते।
गांव में सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी काफी दिक्कत होती है क्योंकि सड़कें खराब होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीणों—सीताराम, शिव सिंह, नेम सिंह, पप्पू, प्रकाश, अमरपाल, वेदपाल, हरिश्चंद्र, सतपाल और कल्लू—ने प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव की सड़कों को पक्का कराया जाए, जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाए और नियमित सफाई कराई जाए, ताकि उन्हें नारकीय जीवन से राहत मिल सके।