बदायूं में भारतीय किसान यूनियन (असली, गैर-राजनीतिक) के कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूलों की मनमानी और राशन वितरण में अनियमितताओं के खिलाफ पंचायत कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष केपीएस राठौड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने गरीब और मध्यम वर्ग के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई।
जिला अध्यक्ष केपीएस राठौड़ ने आरोप लगाया कि नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं की मिलीभगत से अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म केवल निर्धारित दुकानों से ही खरीदें, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। इन दुकानों पर किताबों और कॉपियों के सेट बाजार दर से कई गुना अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पाठ्यक्रम में शामिल कर कमीशनखोरी की जा रही है। वहीं कई स्कूल बिना किसी ठोस आधार के फीस में भारी वृद्धि कर रहे हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई कराना कठिन होता जा रहा है।
युवा जिला अध्यक्ष जसवीर सिंह यादव ने मांग की कि संबंधित स्कूलों और दुकानों की आकस्मिक जांच कराई जाए तथा अभिभावकों को खुले बाजार से किताबें खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। साथ ही अवैध रूप से वसूली जा रही फीस और अधिक कीमतों पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा ग्राम खजुरिया श्रीराम में राशन वितरण में घटतौली का भी गंभीर आरोप लगाया गया। जसवीर सिंह यादव ने बताया कि राशन डीलर गुड्डू देवी द्वारा निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को विजय कुमार को 25 किलो के स्थान पर केवल 23 किलो राशन दिया गया और शिकायत करने पर अभद्रता की गई।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत है, जिसके चलते शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा।
इस दौरान पूनम गुप्ता, प्रताप सिंह, हरीश पटेल, विपिन माहेश्वरी, राजपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, अरुण शर्मा, बबलू यादव, अरविंद सिंह, गजेंद्र यादव, रविंद्र यादव, मोहम्मद वसीम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।