जागरण टुडे,कासगंज।
जनपद के सोरों क्षेत्र अंतर्गत क्यामपुर बहेड़िया गांव में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के कारण कई राष्ट्रीय पक्षी मोर गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोगों ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश के चलते पेड़ों से गिरने तथा खुले स्थानों में फंसने के कारण मोरों को काफी चोटें आई हैं। वर्तमान में ये घायल मोर गांव के अलग-अलग हिस्सों में असहाय अवस्था में पड़े हुए हैं और अत्यधिक पीड़ा में दिखाई दे रहे हैं।
ग्राम प्रधान सुमन देवी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग और पशु चिकित्सकों से तुरंत सहायता की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी होने के कारण मोर न केवल पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल हमारी जिम्मेदारी भी है। ग्रामीणों के अनुसार, कई मोर उड़ने में असमर्थ हो गए हैं और कुछ की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
गांव के लोगों ने मिलकर घायल मोरों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रयास किया है, लेकिन उचित चिकित्सा सुविधा के अभाव में उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर भेजा जाए, ताकि घायल मोरों का उपचार किया जा सके और उनकी जान बचाई जा सके। ग्राम
प्रधान
सुमन देवी ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गांव की समस्त जनता इस समस्या को लेकर बेहद चिंतित है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रखती है। उन्होंने आशा जताई कि संबंधित अधिकारी इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कदम उठाएंगे।
गांववासियों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज नहीं मिला, तो इन बेजुबान पक्षियों की जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग की त्वरित पहल बेहद आवश्यक है, ताकि राष्ट्रीय पक्षी की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।