जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की दूसरे दिन प्रवेश परीक्षा को लेकर प्रदेश में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार परीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश में कई संदिग्ध परीक्षार्थियों के छायाचित्र पुलिस और संबंधित एजेंसियों को प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से करीब 24 संदिग्ध व्यक्तियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
सूत्रों का कहना है कि इन संदिग्ध अभ्यर्थियों के खिलाफ ‘मुन्ना भाई’ गिरोह की तर्ज पर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां और पुलिस विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुटे होने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध परीक्षार्थियों की पहचान को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय फोटो मिलान, पहचान पत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया गया। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर संदेह की स्थिति बनने की सूचना सूत्रों के माध्यम से सामने आई है।
कासगंज जिले में भी इस परीक्षा को लेकर चर्चा बनी रही। यहां स्थित केए कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी एक छात्र को लेकर संदेह व्यक्त किया गया था। हालांकि प्रारंभिक जांच और परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किए गए फोटो मिलान में सभी परीक्षार्थियों के छायाचित्र सही पाए जाने की जानकारी सामने आई है।
परीक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी सतर्कता के साथ लागू किया गया था। यदि कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा संदिग्ध परीक्षार्थियों के छायाचित्रों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा में वास्तव में कोई ‘मुन्ना भाई’ गिरोह सक्रिय था या नहीं।