ब्लॉक संसाधन केंद्र मीरगंज (बरेली) में गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार के निर्देशन में ‘हमारे आंगन हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा का बुके, शॉल और बैज पहनाकर स्वागत किया।
संबोधन में विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर होता है। परिवार से मिलने वाले संस्कार और शिक्षा ही बच्चे के व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यही समाज के विकास का आधार बनते हैं।खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए उनके साथ समन्वय बनाकर कार्य करना जरूरी है।
कार्यक्रम में विज्ञान एआरपी अरविंद गंगवार ने कहा कि बच्चे का सर्वांगीण विकास परिवार से ही शुरू होता है। वहीं सामाजिक एआरपी राजेश कुमार ने बताया कि छात्रों को खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए आईआईटी गांधीनगर द्वारा विकसित वंडर बॉक्स का उपयोग किया जा रहा है।
एआरपी हिंदी पूनम देवी और एआरपी सचिन मुरारी शर्मा ने भी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
नोडल संकुल शिक्षक अमित कुमार ने बताया कि बच्चे के विकास का सबसे महत्वपूर्ण समय 3 से 6 वर्ष की आयु होती है। वहीं नोडल शिक्षक संजीव कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। अन्य नोडल संकुल शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए।
इस दौरान विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा ने निपुण बालकों और उपस्थित नोडल संकुल शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। साथ ही संविलियत विद्यालय चुरई दलपतपुर के बच्चों को भी पुरस्कार स्वरूप धनराशि देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बाल विकास परियोजना की सुपरवाइजर रामबेटी, सर्वेश गंगवार, रमेश मौर्य, आकाश सक्सेना, अरविंद गंगवार, तेज बहादुर, सतेंद्र कुमार, तेजपाल, संतोष गंगवार, घनश्याम शर्मा, अरविंद शर्मा, धन सिंह, देवेंद्र सिंह और बालेश्वर पाठक सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।