बिल्सी तहसील परिसर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गुट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शाहजहांपुर प्रशासन के खिलाफ एक दिवसीय भूख हड़ताल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन पर उपेक्षा और किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन बरेली मंडल आयुक्त को संबोधित करते हुए नायब तहसीलदार प्रभा सिंह को सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष राम सिंह और किसान नेता यादवेंद्र सिंह यादव ने किया। उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 40 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
किसान नेताओं का आरोप है कि पुवायां थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी और तहसीलदार पर संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के साथ ही धमकी देने के आरोप हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जाए।
इसके अलावा किसानों ने शाहजहांपुर के मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल बंडा पर किसानों का बकाया गन्ना भुगतान जल्द कराने की मांग भी उठाई। संगठन ने यह भी कहा कि शाहजहांपुर में अवैध कब्जों को हटवाने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्रों और ज्ञापनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
किसानों ने थाना पुवायां में दर्ज मुकदमा संख्या 245/2025 और 548/2024 को झूठा बताते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की। उनका कहना है कि पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि बिना घटना के ही झूठी तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
इसके साथ ही किसानों ने क्षेत्र में बढ़ती आवारा बंदरों, गौवंश और जंगली सूअरों की समस्या से किसानों को राहत दिलाने की मांग भी की। जिलाध्यक्ष सतीश साहू और जिला महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़ा आंदोलन करेगा।
इस दौरान बीयशु दास, यादवेंद्र सिंह उर्फ पप्पू, रईस अहमद, मलिक रजनीश उपाध्याय, शैलेश कुमार गौतम, शानशने आलम, इरशाद खान, ठाकुर अविनाश कुमार, शराफत खान और कल्लू समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।