एसएसपी ने लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक आरक्षी को नोटिस जारी किया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कोतवाली में तैनात आरक्षी कृष्ण गोपाल 25 नवंबर 2025 से स्वीकृत शुदा उपार्जित अवकाश पर गया था, जिसके बाद से नहीं लौटा। जबकि उसे 9 दिसम्बर 2025 को उपस्थित होना था। लगातार गैरहाजिर चलने की वजह से आरक्षी कृष्ण गोपाल के निलम्बन की कार्रवाई की गयी है। इसके अलावा सिंगल विंडो पर तैनात आरक्षी केशव कुमार 18 जनवरी 2026 को 30 दिन के उपार्जित अवकाश पर गया था। उसे 17 फरवरी 2026 को ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन अभी तक नहीं लौटा। अनाधिकृत रूप से लगातार गैरहाजिर रहने पर उसके खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई की गयी।
सिंगल विंडो पर नियुक्त आरक्षी प्रशान्त कुमार 22 जनवरी को 06 दिवस के आकस्मिक अवकाश पर रवाना हुआ था। अवकाश समाप्त होने के उपरान्त उसे 29 जनवरी 2026 को उपस्थित होना था, लेकिन वह अनाधिकृत रुप लगातार गैरहाजिर चल रहा है, जिससे उसके निलम्बन की कार्रवाई की गयी।
रिक्रूट आरक्षी अभिषेक सिंह रिजर्व पुलिस लाईन बरेली में प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान 24 अगस्त 2025 को 2 दिन के आकस्मिक अवकाश पर गया था, जो अभी तक नहीं लौटा। अनाधिकृत रूप से लगातार गैरहाजिर होने पर उसका चयन निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। एलआईयू की गोपनीय जांच में अभिषेक सिंह प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करते पाया गया।
एसएसपी के अनुसार मुख्य आरक्षी सुरजीत सिंह की डयूटी 22 नवंबर 2025 को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की फ्लीट में लगी थी, लेकिन वह महत्वपूर्ण डयूटी पर उपस्थित न होकर बिना अनुमति/अवकाश लिए अनाधिकृत रूप से लगातार गैरहाजिर चल रहा था। इस पर उसके निलम्बन की कार्रवाई की गयी है।
मुख्य आरक्षी संजीव कुमार की डयूटी दिनांक 9 दिसम्बर 2025 को बंदी पेशी सेशन हवालात पर लगी थी। मगर वह डयूटी पर नहीं पहुंचा और बिना अनुमति/अवकाश के अनाधिकृत रूप से लगातार गैरहाजिर चल रहा है। इस पर उसके निलम्बन की कार्रवाई की गई है।
फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रविन्द्र सिंह शराब पीने का आदी है। काफी समझाने के बावजूद उसने उच्चाधिकारी के आदेश/निर्देश का पालन नहीं किया। साथी पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने, परीक्षा स्ट्रांग रूम डयूटी लगने पर शराब पीने के बाद चौकीदार के साथ दुर्व्यवहार करने आदि उसके खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई की गयी है।