जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। साइबर ठगी का नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। क्यों कि “आरटीओ ई-चालान एपीके” नाम से भेजी जा रही फर्जी फाइल लोगों के मोबाइल हैक कर बैंक खाते साफ कर रही है। चालान लंबित होने का झांसा देकर भेजे जा रहे लिंक पर क्लिक करते ही ठग सक्रिय हो जाते हैं।
वैसे गंजडुंडवारा कस्बे के तीन लोग इस जाल में फंस लाखो गवा भी चुके हैं। पीड़ितों के अनुसार उनके मोबाइल पर आरटीओ चालान बकाया का संदेश आया, जिसमें एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा गया था। सरकारी सूचना समझकर जैसे ही फाइल इंस्टॉल की, कुछ ही देर में खाते से रुपये कटने के मैसेज आने लगे। देखते ही देखते हजारों रुपये निकल गए।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने किसी को ओटीपी साझा नहीं किया, फिर भी रकम पार हो गई। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार एपीके फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल की गोपनीय जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है। यह फाइल मोबाइल की अभिगम्यता (Accessibility) का नियंत्रण लेकर ओटीपी, एसएमएस, कॉल, स्क्रीन और की-बोर्ड तक पहुंच बना लेती है। इसके जरिए यूपीआई और बैंकिंग ऐप से बिना ओटीपी भी पैसे उड़ाए जा सकते हैं। मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस और विभाग ने जारी की चेतावनी
संदीप वर्मा (सीओ पटियाली) ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। घटना होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें और सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन लागू अवश्य करें।
आरपी मिश्रा, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग की ओर से कोई भी एपीके फाइल सीधे नहीं भेजी जाती। चालान संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल या प्ले स्टोर पर उपलब्ध अधिकृत ऐप का ही उपयोग करें या विभाग के सीयूजी नंबर 8005441098 पर संपर्क करें। उन्होने नागरिकों से सतर्क रहने और साइबर ठगों के इस नए जाल से बचने की अपील की है।
आखिर क्या बरते सावधानी
•अनजान एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
•केवल अधिकृत वेबसाइट/ऐप का ही इस्तेमाल करें।
•संदिग्ध संदेश मिलते ही 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।