फाल्गुन मास की शिव तेरस के पावन अवसर पर जनपद बरेली के मीरगंज कस्बे के मंदिरों में सनातनी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिरों की ओर उमड़ पड़ा। वातावरण घंटा-घड़ियालों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से गूंजायमान हो उठा। पूरा कस्बा शिवमय दिखाई दिया।
कस्बा स्थित मोहल्ला मेवात के ब्रह्मदेव, शनि एवं भोलेनाथ के सिद्धपीठ मंदिर, सिरौली चौराहे के समीप मां दुर्गा मंदिर, ज्ञान पब्लिक जूनियर हाईस्कूल के पास स्थित शिव मंदिर तथा बनैया मोहल्ला के प्राचीन शिवालयों में सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक करते रहे। जल, दूध, भांग, धतूरा, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भक्तों ने भगवान भोलेनाथ से परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
शिव तेरस के अवसर पर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कहीं फूलों की झालरें सजी थीं तो कहीं रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा रहा था। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में और पुरुष श्रद्धालु भक्ति भाव से ओतप्रोत होकर शिव आराधना में लीन नजर आए। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जहां शिव भक्त भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए।
रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और भी अधिक रही। दिनभर मंदिर परिसरों में जलाभिषेक का क्रम चलता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोगों ने इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया। देहात क्षेत्र के गांवों में स्थित शिव मंदिरों में भी आस्था का यही दृश्य देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कस्बे के प्रमुख मंदिरों में पहुंचे और शिवलिंग पर जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पर्व के मद्देनजर मंदिरों पर पुलिस और प्रशासन की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासन की सक्रियता और आमजन के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
शिव तेरस के इस महापर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सनातन परंपरा और भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था अटूट है। मीरगंज में हर ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित इस शिव तेरस पर्व ने कस्बे के धार्मिक वातावरण को और भी अधिक आध्यात्मिक बना दिया।