जागरण टुडे, कासगंज। महाशिवरात्रि पर्व पर जनपद के गंगा घाटों पर उमड़ने वाले शिवभक्तों के सैलाब और कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए यातायात पुलिस ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। आगामी 12 से 15 फरवरी तक जनपद की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से कांवड़ मार्ग को 'नो-व्हीकल जोन' घोषित करते हुए भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों का निर्धारण किया गया है।
कांवड़ियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर
यातायात पुलिस के अनुसार, सोरों से मिरहची बॉर्डर तक के मार्ग को कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित करते हुए वन-वे कर दिया गया है। 12 फरवरी की सुबह से ही इस लेन में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लहरा और कछला गंगा घाट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर पार्किंग के लिए पांच प्रमुख स्थल (लहरा घाट, लहरा गांव, कुछ आश्रम, घोड़ा मेला ग्राउंड और मेला ग्राउंड) चिह्नित किए गए हैं।
प्रमुख रूट डायवर्जन पर एक नजर
- एटा, हाथरस व अलीगढ़ से बदायूं-बरेली: इन जनपदों से आने वाले वाहन अब कासगंज शहर के अंदर नहीं आ सकेंगे। इन्हें सौरभ ढाबा और मंडी तिराहा से डायवर्ट कर सहावर, गंजडुण्डवारा होते हुए कादरगंज पुल के रास्ते बदायूं भेजा जाएगा।
- बदायूं से कासगंज: बदायूं की ओर से आने वाले भारी वाहन कादरगंज पुल से सिकन्दरपुर वैश्य, गंजडुण्डवारा और सिढ़पुरा होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
- कछला से कासगंज: कछला घाट की ओर से आने वाले वाहनों को दुपहिया मोड (नगरिया) से सहावर-अमांपुर होते हुए एटा की ओर निकाला जाएगा।
बदले रास्तों से दौड़ेंगी रोडवेज बसें
पर्व के दौरान यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए बसों का रूट भी निर्धारित किया गया है। अलीगढ़ और हाथरस से कासगंज आने वाली सभी रोडवेज बसें एटा मार्ग से होकर आएंगी। वहीं, कासगंज से बरेली/बदायूं जाने वाली बसें राजकोल्ड तिराहा और चांदी तिराहा से होकर सहावर-कादरगंज मार्ग का प्रयोग करेंगी।
पुलिस प्रशासन ने सर्वसाधारण से अपील की है कि जाम की समस्या से बचने के लिए लोग निर्धारित रूट का ही प्रयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले और कांवड़ लेन में वाहन ले जाने वाले स्वामियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।