जागरण टुडे, कासगंज।
जागरण टुडे में प्रकाशित खबर का असर एक बार फिर देखने को मिला है। गुरुकुल की भूमि पर कथित कब्जे के मामले को जिलाधिकारी कासगंज प्रणय सिंह ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई कराई है। डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाप-तौल कराई और पीड़ित की जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया। न्याय मिलने के बाद पीड़ित ने जिलाधिकारी और जागरण टुडे की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
मामला शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस (कमिश्नर की जनसुनवाई) से जुड़ा है, जहां कासगंज कोतवाली पुलिस के कथित अमानवीय और तानाशाही रवैये का मामला सामने आया था। पीड़ित संतोष गौड़, निवासी मोहल्ला जय जय राम, सदर कोतवाली क्षेत्र, पहाड़पुर माफी स्थित गाटा संख्या 215/210 स की भूमि के स्वामी हैं। संतोष गौड़ का कहना है कि वह उक्त भूमि पर गुरुकुल विद्यालय की स्थापना करना चाहते हैं।
पीड़ित का आरोप था कि भाजपा नेता बौबी कश्यप और तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। संतोष गौड़ ने बताया कि इस संबंध में वह पहले ही आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल और लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री जनता दरबार में शिकायत दर्ज करा चुका है।
पीड़ित के अनुसार, कानूनगो पन्ना लाल द्वारा वास्तविक तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जबकि उसके पास भूमि से संबंधित प्रारंभिक बिक्री आदेश मौजूद हैं। जब वह समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचा और पोस्टर के माध्यम से कथित अनियमितताओं की शिकायत करना चाहता था, तभी पुलिस ने उसे रोक लिया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की, घसीटते हुए तहसील परिसर से बाहर ले गए, जबरन वाहन में बैठाकर कोतवाली पहुंचाया और हवालात में बंद कर दिया। इस दौरान गला दबाने जैसी गंभीर घटना का भी आरोप लगाया गया।
मामले की जानकारी जिलाधिकारी प्रणय सिंह तक पहुंचते ही उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम संजीव कुमार, तहसीलदार और कानूनगो की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा। टीम ने स्थल का निरीक्षण कर नाप-तौल की और जांच के बाद गुरुकुल की भूमि को कब्जा मुक्त कराया।
न्याय मिलने पर पीड़ित संतोष गौड़ ने निष्पक्ष कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और जनहित में आवाज उठाने के लिए जागरण टुडे का आभार जताया है।