ओमकार गंगवार,मीरगंज (बरेली)
जनपद बरेली की मीरगंज तहसील अंतर्गत ग्राम गोरा लोकनाथपुर में सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में भगवान शिव परिवार, शनिदेव तथा राधा-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रूप से किया गया। इस पावन अवसर पर पूरा गांव भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी सोमवार को हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के पश्चात विधिविधान से मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इसके बाद कन्या पूजन कर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह बना हुआ है और दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व शनिवार को भव्य एवं आकर्षक कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्राम गोरा लोकनाथपुर की 51 महिलाओं ने पारंपरिक व रंग-बिरंगे परिधान धारण कर रामगंगा नदी से पवित्र जल भरा। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच विधिवत गंगाजल भरवाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
इसके पश्चात महिलाएं डीजे पर बज रहे भक्ति भजनों के साये में अपने सिर पर जल से भरे कलश लेकर रामगंगा से गांव की ओर रवाना हुईं। गांव में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का भावभीना स्वागत किया। कलश यात्रा पूरे गांव में भ्रमण करती हुई शिव मंदिर परिसर पहुंची, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उसका समापन हुआ। इस दौरान “हर-हर महादेव”, “जय शनिदेव” और “राधे-राधे” के जयघोष से गांव की गलियां गूंज उठीं।
इस पावन प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को संपन्न कराने वाले आचार्यों में पंडित विनीत त्रिगुनायत आचार्य, पंडित उत्तम त्रिगुनायत आचार्य, पंडित अमित शंखधार आचार्य, पंडित शिवम शंखधार आचार्य एवं पंडित सुमित शंखधार शामिल हैं। सभी आचार्य वैदिक वेद मंत्रों के शुद्ध एवं विधिपूर्वक उच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था एवं सेवा कार्यों में ओमप्रताप उपाध्याय, प्रमोद कुमार मिश्रा, बाबूराम कश्यप, नीरेश शर्मा, गणेश कश्यप, गजेंद्र, सोमपाल सिंह, लक्ष्मीदत्त मिश्रा, विनोद शर्मा सहित अनेक ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने का भी संदेश दे रहा है।