मकर संक्रांति के दिन सेवा और संवेदना का संदेश देते हुए कुष्ठ आश्रम लहरा घाट पर कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित इस कार्यक्रम में ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए रोगियों को खिचड़ी, आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री एवं 30 कंबलों का वितरण किया गया। सेवा पाकर आश्रम में रह रहे कुष्ठ रोगियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव अग्रवाल उपस्थित रहे। उनके साथ जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक (डीसीपीएम) केपी सिंह, स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टाफ नर्स अंजली वर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोरों के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ. मुकेश कुमार तथा बीसीपीएम अरविंदर कुमार मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने कुष्ठ रोगियों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में स्वयंसेवी संस्था अर्पित सेवा संस्थान सोरों का भी सराहनीय योगदान रहा। संस्था के प्रतिनिधि रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि ऐसे सामाजिक कार्यों से जरूरतमंद लोगों को न सिर्फ सहायता मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कुष्ठ रोगियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर जरूरतमंद, असहाय और उपेक्षित लोगों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुष्ठ रोग कोई अभिशाप नहीं, बल्कि उपचार योग्य बीमारी है और इसके प्रति समाज में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
सेवा कार्यक्रम के समापन पर कुष्ठ रोगियों ने आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सादगी और सेवा भावना से परिपूर्ण यह आयोजन मकर संक्रांति के पर्व पर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।