आम जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा “सुशासन सप्ताह – प्रशासन गांव की ओर” अभियान का आयोजन 19 से 25 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले सुशासन दिवस के क्रम में यह सप्ताह देशभर में विशेष रूप से मनाया जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन सप्ताह के अंतर्गत जनपद स्तर से लेकर तहसील मुख्यालय और पंचायत स्तर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। विशेष रूप से भारत सरकार की केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण प्रणाली (सीपीजीआरएस) में लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार के स्टेट पोर्टल आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर प्राप्त जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।
सुशासन सप्ताह के दौरान ऑनलाइन सर्विस डिलीवरी से जुड़ी सेवाओं में भी विस्तार किया जाएगा। विभिन्न विभागों में लंबित सेवा वितरण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। साथ ही सुशासन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को फोटोग्राफ के साथ संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे अन्य जिलों और विभागों को भी बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने की प्रेरणा मिल सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि सुशासन सप्ताह का मुख्य उद्देश्य लोगों को सरकार की पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने की प्रतिबद्धता से अवगत कराना है। यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने और उनका समाधान पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सुशासन सप्ताह “प्रशासन गांव की ओर” अभियान जन शिकायत निवारण और सेवा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अभियान नागरिकों के कल्याण, विश्वास और सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।