जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड (राजस्व), कर करेत्तर, राजस्व प्रशासन, चकबंदी कार्यों, राजस्व वादों, आईजीआरएस संदर्भों तथा खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में राजस्व और कर करेत्तर वसूली की प्रगति पर गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उन्होंने मुख्य देय, विविध देय, कर करेत्तर तथा विभिन्न विभागों की वसूली प्रगति की विभागवार समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से पेंडिंग न रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी वसूली कार्य में ढिलाई बरतता पाया गया, तो उसकी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने वर्ष 2025–26 के वार्षिक लक्ष्यों के सापेक्ष अब तक की विभागवार वसूली स्थिति की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने वाणिज्यकर, स्टाम्प, आबकारी, विद्युत, परिवहन, नगर विकास, कृषि विपणन, वन और खनन विभागों की वसूली रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि किन क्षेत्रों में तेजी लाने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी इस कार्य को गंभीरता और तत्परता से पूरा करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, उप जिलाधिकारी सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, मांट रितु सिरोही, गोवर्धन प्राजक्ता त्रिपाठी, महावन कंचन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन नीतू सिंह, आबकारी अधिकारी उपेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।