जागरण टुडे, कासगंज।
जिले में अवैध रूप से चल रहे प्रसव केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को नोडल अधिकारी डॉ. उत्कर्ष यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंजडुंडवारा क्षेत्र में संचालित विमलेश क्लीनिक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सीज कर दिया। टीम के पहुँचते ही क्लीनिक में हड़कंप मच गया, क्योंकि उस समय क्लीनिक की संचालिका एक प्रसुता का अवैध तरीके से प्रसव कराने में जुटी हुई थी।
नोडल अधिकारी डॉ. उत्कर्ष यादव ने मौके पर पहुंचकर संचालिका विमलेश शाक्य से क्लीनिक से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। प्राथमिक जांच में क्लीनिक का संचालन बिना पंजीकरण और बिना किसी योग्य चिकित्सक की मौजूदगी के किया जा रहा था। यह भी सामने आया कि इस क्लीनिक को पहले भी अवैध संचालन के कारण बंद किया गया था और उस समय एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बावजूद क्लीनिक का दोबारा खुलना गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉ. उत्कर्ष यादव ने बताया कि जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देश पर जिलेभर में अवैध क्लीनिक, नर्सिंग होम और प्रसव केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के तहत विमलेश क्लीनिक को पुनः सीज किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करते हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लीनिक में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, दवाएं और प्रसव सामग्री को भी रिकॉर्ड में लिया। साथ ही बिना अनुमति के प्रसव कराने पर संचालिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास के लोगों को भी जागरूक किया कि वे प्रसव या उपचार के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें।
नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले में अवैध रूप से संचालित किसी भी क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।