द्वारिकेश चीनी मिल द्वारा शनिवार को ग्लोरियस कॉलेज परिसर में निशुल्क चिकित्सा शिविर और किसान प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिविर में सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और गन्ना उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी ली। कार्यक्रम में चीनी मिल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसानों को शरदकालीन गन्ना बुवाई के लाभों के साथ-साथ ट्रेंच विधि द्वारा खेती करने की तकनीक सिखाई गई।
मुख्य महाप्रबंधक (गन्ना) पी.के. चतुर्वेदी ने बताया कि शरदकालीन सीजन में गन्ना बोने से लगभग 30 प्रतिशत अधिक पैदावार प्राप्त होती है। उन्होंने किसानों से कहा कि गन्ने की अच्छी उपज के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं। वहीं उप महाप्रबंधक (गन्ना विकास) दिनेश शर्मा ने ट्रेंच विधि के जरिए गन्ना बुवाई के फायदे समझाए।
कार्यक्रम में शाहजहांपुर से आए गन्ना शोध परिषद के सहायक निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार कपिल ने फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने मिट्टी परीक्षण, संतुलित खाद उपयोग और रोग नियंत्रण के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया।
सहायक प्रबंधक उपेंद्र उपाध्याय ने किसानों को मिल द्वारा दी जा रही सरकारी अनुदान योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। किसानों के लिए आयोजित स्वास्थ्य शिविर में रक्तचाप और शुगर की निशुल्क जांच की गई।
जोनल मैनेजर हर्षवर्धन ने सभी किसानों का आभार व्यक्त किया और बताया कि इस तरह के शिविरों से किसानों में स्वास्थ्य और उत्पादन दोनों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। अंत में प्रतिभागियों को जलपान कराया गया। किसान गोष्ठी में लगभग 500 किसानों ने भाग लिया, जिनमें रणधीर यादव, सुशील शर्मा, राधेश्याम पांडे, नन्ने सिंह, मनोहर लाल, ओमप्रकाश, सुरेश यादव, अजय पाल यादव और मोनू शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।