विकास श्रीवास्तव
बदायूं जिले के प्राचीन शक्ति पीठ छछऊ धाम से जुड़े श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का अद्भुत नज़ारा तब देखने को मिला, जब महंत मुकेश पुजारी के नेतृत्व में 9001 नारियलों का पवित्र गंगा विसर्जन किया गया। यह विशाल धार्मिक यात्रा बदायूं के डहरपुर स्थित छछऊ धाम से शुरू होकर कछला गंगा घाट पर जाकर संपन्न हुई।
यह अनूठा धार्मिक आयोजन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। भक्तगण ढोल-नगाड़ों, बैंड बाजों और जयकारों के बीच नारियलों को सिर पर उठाकर पैदल ही गंगा घाट तक पहुंचे। रास्ते भर "हर-हर गंगे" और "जय माता दी" के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महंत मुकेश पुजारी ने बताया कि 9001 नारियलों का गंगा में विसर्जन आस्था, शुद्धता और संकल्प का प्रतीक है। यह आयोजन जन कल्याण, शांति और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की मूल जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।
कछला गंगा घाट पर सभी नारियलों को विधिपूर्वक मंत्रोच्चार के साथ गंगा में अर्पित किया गया। प्रशासन की तरफ से यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, जल सेवा, और चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था रही।
नारियल विसर्जन यात्रा अब धीरे-धीरे बदायूं जिले की एक विशेष धार्मिक पहचान बनती जा रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोगों ने श्रद्धा के साथ इस आयोजन में भाग लिया।
इस ऐतिहासिक यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया बल्कि समाज में सामूहिक एकता और संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया।