जनपद रामपुर में शनिवार को जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह और पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्रा ने संयुक्त रूप से वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर सुरक्षा, सहयोग, आश्रय और परामर्श जैसी सेवाएं उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह केंद्र सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, जिसका लक्ष्य महिलाओं के प्रति अपराधों को रोकने और पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करना है।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
डीएम जोगिंदर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र पर आने वाली हर पीड़िता को तुरंत कानूनी, चिकित्सा और परामर्श संबंधी सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को असुरक्षा की भावना से मुक्त करने के लिए वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्रा ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा ऐसे मामलों में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने केंद्र के कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी भी ली।
प्रभावी संचालन पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सेवाओं का संचालन पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित महिलाओं और बच्चियों को आश्रय, कानूनी परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग तुरंत उपलब्ध होना चाहिए।
वन स्टॉप सेंटर में वर्तमान में हेल्पलाइन, अस्थायी आश्रय, परामर्श कक्ष और पुलिस सहायता जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।